Monday, April 13, 2026

राजकुमारी के पैरों को चमड़े से ढक दो

प्रतीकात्मक चित्र साभार गूगल

बोधिवृक्ष

अशोक मिश्र

जूते का आविष्कार कब हुआ, यह कोई नहीं जानता है। अनुमान व्यक्त किया जाता है कि जूतों का सबसे पुराना ज्ञात जोड़ा सात से आठ हजार ईसा पूर्व का है जो प्राकृतिक सामग्री छाल से बना था। चमड़े से बने सबसे पुराने ज्ञात जूते 3500 ईसा पूर्व के माने जाते हैं। यह भी केवल अनुमान है। पक्के तौर पर यह नहीं बताया जा सकता है कि जूते का आविष्कार किसने और कब किया था? 

इस संबंध में एक प्राचीन कथा कही जाती है। कहते हैं कि किसी देश में एक राजा था। उसके एक बेटी थी। राजा अपनी बेटी को बहुत प्यार करता था। उसने अपनी बेटी को एकदम नाजुक गुलाब की पंखुड़ियों की तरह पाला था। वह अपने महल से बाहर नहीं आती जाती थी। उसकी सारी दुनिया केवल महल तक ही सिमटकर रह गई थी। वह महल में ही खेलती-कूदती थी, वहीं खाना खाती, पानी पीती और महल में ही सो जाती थी। 

राजकुमारी का जब मन होता, तो उसकी सहेलियों को बुला दिया जाता था। वह उनके साथ खेलती थी। उसकी सहेलियां महल के बाहर के चटपटे किस्से सुनाते थे। एक दिन राजकुमारी के मन में आया कि वह भी अपनी सहेलियों के साथ शहर घूमे। देखे तो महल के बाहर की दुनिया कैसी है? यह बात जब राजा को पता चली, तो राजा घबरा गया। 

वह सोचने लगा कि इतने नाजो से पाली गई उनकी बेटी सड़क पर कैसे चलेगी? उसके तो पैर लहूलुहान हो जाएंगे। तब राजा ने कहा कि पूरे शहर को चमड़ों से ढक दिया जाए ताकि उनकी बेटी को कोई परेशानी न हो। तब एक दरबारी ने बड़े साहस के साथ राजा से कहा कि महाराज! पूरे शहर को चमड़ों से ढकना आसान नहीं है, लेकिन क्यों न राजकुमारी के पैरों को ही चमड़े से ढक दिया जाए। राजा को यह सलाह पसंद आई। कहते हैं कि इस तरह जूते का चलन शुरू हुआ।

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