बोधिवृक्ष
अशोक मिश्र
30 जनवरी 1882 में न्यूयार्क में पैदा हुए फ्रेंकलिन डेलानो रूजवेल्ट अमेरिका के पहले और आखिरी राष्ट्रपति थे जिन्होंने चार बार राष्ट्रपति पद को सुशोभित किया था। सन 1930 के बाद आई वैश्विक मंदी का उन्होंने बड़े नीतिपूर्ण ढंग से सामना किया और अमेरिका में महंगाई पर अंकुश रखा।इतना ही नहीं, उन्होंने मंदी के दौरान भी नौकरियों को सुरक्षित रखने में सफलता पाई थी। लोगों की जरूरतों का सामान नियंत्रित मूल्यों पर उपलब्ध कराया था। वह अपने जीवन काल में काफी लोकप्रिय राष्ट्रपति साबित हुए थे। अमेरिका के राष्ट्रपति थियोडोर रूजवेल्ट इनके चचेरे भाई थे जिन्हें वह अपना आदर्श मानते थे। सन 1921 में फ्रेंकलिन पोलियो रोग के शिकार हो गए।
इसकी वजह से इनका चलना-फिरना बंद हो गया। काफी दिनों तक अवसाद में डूबे रहे। इनकी पत्नी एलेनोर और मित्रों के हौसला बढ़ाने पर इनका आत्मविश्वास दोबारा लौटा और व्हील चेयर पर बैठकर सार्वजनिक कार्यक्रमों में भाग लेना शुरू कर दिया। उन्होंने अपने आत्मविश्वास और दृढ़ निश्चय से दुनिया भर को यह संदेश दिया कि यदि आप में कुछ कर गुजरने की आकांक्षा है, तो मुसीबतें आपका कुछ बिगाड़ नहीं सकती हैं।
जिस समय वह 1933 में राष्ट्रपति बने, वह समय अमेरिका और पूरी दुनिया के लिए कठिन समय था। पूरी दुनिया आर्थिक मंदी के दौर से गुजर रही थी। ऐसे कठिन समय में अमेरिका के राष्ट्रपति पद को संभालना काफी कठिन काम था। लेकिन उन्होंने जिस तरह अमेरिकी अर्थव्यवस्था को संभाला, वह उनकी कुशल नीतियों और आर्थिक मामले में समझ का एक बेहतरीन उदाहरण है। यही वजह है कि वह चार बार राष्ट्रपति चुने गए।

No comments:
Post a Comment