Tuesday, June 16, 2026

विश्वास हो, तो सफलता जरूर मिलती है

बोधिवृक्ष

अशोक मिश्र 

अगर मन में विश्वास हो और कुछ कर गुजरने की अभिलाषा तो संकट से हमेशा मुक्ति पाई जा सकती है। यदि कोई कार्य कठिन लग रहा हो, तो उस कार्य को भी पूरा किया जा सकता है। इसके लिए विश्वास और लगन के साथ-साथ धैर्य की भी जरूरत होती है। 

कहते हैं कि किसी नगर में एक युवक ने व्यापार करना शुरू किया। पंूंजी छोटी थी, लेकिन अपने मृदु स्वभाव और बातचीत की निपुणता के चलते उसका व्यापार चल निकला। कुछ वर्षों में ही वह अपने नगर का सबसे अमीर व्यापारी हो गया। उसने नौकर चाकरों से अपना काम कराना शुरू किया। धीरे-धीरे उस युवक का स्वभाव भी बदलना शुरू हो गया। उसे अपने धन पर काफी अभिमान हो गया। 

अब उसका स्वभाव भी काफी कर्कश हो चुका था जिसकी वजह से लोगों ने अब बातचीत करना भी कम कर दिया था। इसी दौरान उसके व्यापार में बहुत अधिक घाटा हुआ। वह एक दिन हताश होकर एक पार्क में बैठा हुआ था, तो उसके बगल में बैठे एक बुजुर्ग ने पूछा, तुम इतने उदास क्यों हो? युवक ने अपनी सारी दास्तान कह सुनाई। बुजुर्ग ने पूछा कि तुम्हें कितने रुपये मिल जाएं जिससे तुम अपना कारोबार पुन: शुरू कर सको। उस युवक ने कहा कि दस लाख रुपये। बुजुर्ग ने दस लाख रुपये का चेक उसे दे दिया। 

एक साल बाद पार्क में मिलने का वायदा करके बुजुर्ग चला गया। घर पहुंचने पर युवक ने सोचा कि मैं इस चेक को भुनाऊंगा नहीं। पहले अपने पास जो पूंजी बची है, उससे काम करूंगा। धीरे-धीरे उसका काम चल निकला। अब वह पहले से भी अच्छी स्थिति में था। एक साल बाद युवक उसी पार्कमें पहुंचा तो देखा कि बुजुर्ग आ रहा है। उसके पीछे एक नर्स और दो युवक थे। नर्स ने बताया कि यह बुजुर्ग पागलखाने से भाग निकला है। अपने को अमीर समझकर लोगों को चेक बांटता रहता है। तब युवक की समझ में आया कि उसके पास दस लाख रुपये होने का विश्वास था, इसी वजह से उसे सफलता मिली।

No comments:

Post a Comment