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Thursday, July 24, 2025

बाल एवं मानव तस्करों के खिलाफ हरियाणा में चलनी चाहिए मुहिम

अशोक मिश्र

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने मंगलवार को उस महिला को जमानत देने से इनकार कर दिया जिस पर नाबालिग लड़की को यौन शोषण के लिए आरोपियों के हवाले कर दिया था। रोहतक की निवासी इस महिला पर आरोप था कि उसने नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर, नशा देकर पैसे के बदले पुरुषों के हवाले कर दिया था। बाद में नाबालिग के साथ पुरुषों ने राजस्थान में कई बार दुष्कर्म किया था। हाईकोर्ट ने समाज के कमजोर तबकों में बाल एवं मानव तस्करी के गिरोहों की गहरी जड़ों पर अपनी चिंता भी प्रकट की है। 

हाईकोर्ट की यह टिप्पणी सौ प्रतिशत सही है। समाज के गरीब तबकों की नाबालिग लड़कियों पर बाल एवं मानव तस्करी से जुड़े गिरोहों की नजर टिकी रहती है। ऐसे गिरोह कई बार तो वह लड़कियों के माता-पिता को रुपये पैसे का लालच देकर, अच्छी जगह काम दिलाने का आश्वासन देकर और कई बार तो बात न बनने पर लड़कियों का अपहरण कर लेते हैं। गिरोह से जुड़े लोग नाबालिग लड़कियों को सपने दिखाकर अपने साथ भगा ले जाते हैं। बाद में उन्हें मानव तस्करी से जुड़े लोगों तक पहुंचा देते हैं। 

हरियाणा में मोटे तौर पर रोजाना 45 से अधिक लोग लापता हो रहे हैं। यह वह आंकड़ा है, जो पुलिस रिकार्ड में दर्ज है। हरियाणा में बाल और मानव तस्करी के आंकड़े 2021 में बाल तस्करी के मामलों को बढ़ता हुआ बताया गया था। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के अनुसार, 2019 में कुल छह लड़के-लड़कियां गायब हुएथे जिनमें तीन लड़कियां थीं। वर्ष 2021 में यह आंकड़ा 21 तक जा पहुंचा जिसमें गायब होने वाली लड़कियों की संख्या 20 थीं। हरियाणा पुलिस ने अप्रैल 2023 में राज्य स्तर पर मानव तस्करी विरोधी अभियान चलाया था। इसमें पुलिस को काफी हद तक सफलता भी मिली थीं। पुलिस ने 227 लड़कियों सहित 639 पुरुषों और 294 महिलाओं को तस्करों की चंगुल से बचा लिया था। 

मानव तस्करों ने इन लोगों को भीख मांगने के काम में लगा रखा था। प्रदेश से गायब होने वाली ज्यादातर लड़कियों और महिलाओं का यौन शोषण और पोर्नोग्राफी में उपयोग किया जाता है। कई बार तो नाबालिग और बालिग महिलाएं अपनी गरीबी, बेरोजगारी और समान अवसर न मिलने की वजह से खुद ही वेश्यावृत्ति में उतर आती हैं। कुछ नाबालिग तो अपने माता-पिता के व्यवहार, उनकी आपसी लड़ाई और घर में प्यार न मिलने की वजह से मानव तस्करों की गिरफ्त में फंस जाती हैं। ऐसी स्थिति में इन लड़कियों को बहलाफुसलाकर तस्कर यौन शोषण करते हैं और फिर इन्हें गुलाम बनाकर आजीवन शोषण करते हैं।