Monday, April 27, 2026

प्रचंड गर्मी में मजदूरों को काम कम मिलने से घर चलाना हुआ मुश्किल

अशोक मिश्र

पूरा देश तप रहा है। कई राज्यों में लू के थपेड़ों ने जनजीवन का अस्त-व्यस्त कर दिया है। बाहर निकलते ही ऐसा लगता है कि किसी ने भट्ठी सुलगा दी हो। इंसान से लेकर पशु-पक्षी तक व्याकुल हैं। उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में तापमान 47.4 तक पहुंच गया है। भारत के पांच राज्यों के 14 शहरों में पारा 44 डिग्री सेल्सियस के पार जा चुका है। दिल्ली में शनिवार दोपहर को पारा 42.8 डिग्री तक पहुंच गया। 

यह इस साल का सबसे गर्म दिन रहा। हरियाणा भी इससे अछूता नहीं है। सूरज की किरणें लोगों के लिए परेशानी का सबब बन रही हैं। तापमान में भारी उछाल की वजह से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।  रोहतक में पारा 44.6 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा, जो सामान्य से 5.9 डिग्री अधिक है। रोहतक पूरे देश में छठा सबसे गर्म शहर रहा। प्रदेश के 13 प्रमुख शहरों में अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक रिकॉर्ड किया गया है । इनमें रोहतक (44.6 डिग्री), सिरसा (43.4 डिग्री), हिसार (42.9 डिग्री), नारनौल (42.8 डिग्री) और फरीदाबाद (43.5 डिग्री) जैसे शहर शामिल हैं। 

आशंका व्यक्त की जा रही है कि आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ सकता है। प्रचंड गर्मी का सबसे ज्यादा खामियाजा उन लोगों को भुगतना पड़ रहा है जो रोज कमाते हैं और खाते हैं। इतनी गर्मी में मजदूरों को काम मिलने में काफी दिक्कत हो रही है। इनके सामने समस्या यह है कि यदि इनको काम नहीं मिला तो घर चलाना मुश्किल हो जाएगा। मकान निर्माण में लगे मजदूरों को तो सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ रही है। मकान बनाने का काम धीमा पड़ रहा है। 

कई जगहों पर भीषण गर्मी न सह पाने और शरीर में पानी की कमी हो जाने की वजह से मजदूर बीमार पड़ गए हैं। गिग वर्कर्स की तो दोपहर में भी भागदौड़ करने के चलते हालत खराब हो रही है। वह लोगों तक सही समय पर अपनी डिलिवरी नहीं दे पा रहे हैं। इससे उन्हें ग्राहकों के साथ-साथ कंपनी वालों से सुनना पड़ता है। सड़कों के किनारे रेहड़ी लगाकर अपने परिवार का पेट पालने वाले भी परेशान हैं। भीषण गर्मी के कारण लोग घर से ही नहीं निकल रहे हैं। इससे उनकी कमाई पर काफी बुरा प्रभाव पड़ा है। 

हरियाणा में पड़ रही प्रचंड गरमी के दौरान सरकारी और निजी अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ रही है। लोग गर्मी के कारण होने वाले रोगों से पीड़ित होकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों का लोगों से यही कहना है कि घर से निकलने से परहेज करना चाहिए। यदि बहुत जरूरी काम हो, तो खाली पेज बाहर नहीं निकलें। थोड़ा सा ठोस खाद्य पदार्थ और पानी या छाछ जरूर पीकर निकलें। निकलते समय सिर पर गमछा या रुमाल जरूर डाल लें। शरीर को हलके कपड़ों से ढककर ही बाहर निकलें। चक्कर, कमजोरी या किसी तरह की परेशानी महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

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