Monday, June 29, 2026

पुरानी नाक वापस आ जाए

बोधिवृक्ष

अशोक मिश्र

कई बार इंसान के पास अपना भाग्य संवारने का बेहतरीन मौका होता है, लेकिन वह अपनी मूर्खता और लालच के चलते अपना भला नहीं कर पाता है। अवसर की उपयोगिता नहीं समझ पाने की वजह से ही ऐसा होता है। अवसर बीत जाने के बाद वह पछताता है, लेकिन अब किया क्या जा सकता है। इसी वजह से कहा गया है कि इंसान को अवसर को पहचानना आना चाहिए और उसका कैसे लाभ उठाया जा सकता है, इतनी समझ होनी चाहिए। 

एक कथा है। किसी गरीब व्यक्ति ने देवता की खूब आराधना की। देवता प्रसन्न हो गए। उन्होंने उस व्यक्ति को एक पासा देते हुए कहा कि तुम इस पासे से तीन वरदान मांग सकते हो। वह व्यक्ति बहुत प्रसन्न हुआ। वह पासा को लेकर अपने घर गया। उसने सारी बात अपनी पत्नी को बताई। यह सुनकर पत्नी बहुत खुश हुई। उसने अपने पति से कहा कि हम लोग काफी गरीब हैं। इसलिए हमें इस पासे से खूब धन दौलत मांगनी चाहिए ताकि हमारी गरीबी दूर हो सके। 

पति ने कहा, नहीं। हमारी नाक चपटी है। इसकी वजह से लोग हमारा मजाक उड़ाते हैं। हमें इस पासे से सुंदर नाक मांगनी चाहिए। इतना कहकर उसने पासा फेंका और तीन बार कहा कि सुंदर नाक दे दो। तीन नाकें आकर उसके शरीर पर चिपक गई और उसकी अपनी नाक गायब हो गई। उसने दूसरी बार पासा फेंका और कहा, नाक गायब हो जाए। सारी नाक गायब हो गई। अब उसके पास एक ही अवसर बचा था। 

मजबूर होकर उसने तीसरी बार पासा फेंका और कहा कि मेरी पुरानी नाक वापस आ जाए। पुरानी नाक वापस आ गई और अब पासा बेकार हो चुका था। उस व्यक्ति ने अपनी मूर्खता से तीन बेहतरीन अवसर को खो दिया।

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